कुवैत के पावर प्लांट पर ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत, मिडिल ईस्ट के संषर्घ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हुई
Indian Killed in Kuwait
दुबई: Indian Killed in Kuwait: कुवैत में एक पावर और पानी साफ करने वाले प्लांट पर ईरान के हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. देश की सरकारी न्यूज एजेंसी कुना (KUNA) ने सोमवार को यह जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि हमले के दौरान उसके एक पावर और पानी साफ करने वाले प्लांट की एक सर्विस बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है.
अधिकारियों ने इसे बर्बर हमला बताया, जिस प्लांट पर हमला हुआ था उसकी पहचान नहीं बताई गई है. गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा जौहर हयात ने बताया कि इस हमले में भारतीय नागरिकता वाले एक कर्मचारी की मौत हो गई.
उन्होंने आगे बताया कि स्थिति को काबू में करने और मंत्रालय की मंजूर आपातकालीन योजना के अनुसार बाद के हालात को संभालने के लिए तकनीकी और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया. हयात ने कहा कि विशेष टीमें सुरक्षा अधिकारियों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हुए क्षतिग्रस्त सुविधाओं को सुरक्षित करने में जुटी हैं.
मंत्रालय ने कहा कि देश भर में बिजली और पानी के नेटवर्क की परिचालन क्षमता पूरी तरह से बरकरार है. हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था. यह घटना तब हुई जब देश के हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा रोकी गई मिसाइलों का मलबा एक सड़क पर आ गिरा था. तेहरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने युद्ध को पूरे खाड़ी क्षेत्र तक फैला दिया है.
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का यह पांचवां हफ्ता है और अभी भी इस लड़ाई के खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. ईरान ने अमेरिका द्वारा जमीन पर किसी भी संभावित हमले के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है. उसका कहना है कि अगर अमेरिकी सैनिक उसके इलाके में घुसते हैं, तो उसकी सेना मुँहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
कई देशों के विदेश मंत्री रविवार को पाकिस्तान में इकट्ठा हुए. उनका मकसद अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने और इस युद्ध को खत्म करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करना था. यह संघर्ष पहले ही कई देशों तक फैल चुका है, और हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी तेज़ कर दिए गए हैं.